एक लेखक की कलम से । अल्फाजो की स्याही तुम । Love poetry । Hindi Kavita।

एक लेखक की कलम से —

एक लेखक की कलम स

मै एक सादा कोरा कागज, अल्फाजो की स्याही तुम

मै एक गुमसुम ठहरा सा मन , एहसासों की साजिश तुम !!

 

अगर मै जिन्दगी का काव्य बन जाऊं,

तू उसमे सौन्दर्य का रस बन जाना !

बन जाऊं अगर मै हया का एक चिलमन,

तू सुकून से निहारती वो पाक नजर बन जाना !

अगर मै एक भटका हुआ मुसाफिर बन जाऊं ,

तू मेरी मुकम्मल सी वो मंजिल बन जाना !

तू मेरी मुकम्मल सी वो मंजिल बन जाना !

 

मै एक चिड़िया अरमानो की ,

तम्मन्नाओ का एक नभ तुम!

मै हूँ लहरें तुफानो की ,

उन लहरों का साहिल तुम !

उन लहरों का साहिल तुम !

 

 

अगर मै इत्र बन जाऊं ,

तु उसकी महक बन जाना !

बन जाऊं अगर मै एक फूल तो ,

तू मुझमे खुशियों के रंग सा बिखर जाना !

अगर मै लफजों का समन्दर बन जाऊ ,

तू अफसानो की एक लहर बन जाना !

बन जाऊ अगर जो एक बेबाक तारा मै  ,

बन अर्श की चादर तू मुझमे समा जाना !

बन अर्श की चादर तू मुझमे समा जाना !

 

मै एक सहमा निश्चल सा तन ,

एहसास तेरे ही छुए जिसे !

मै एक डूबा भीगा सा मन ,

बस तेरे खयाल उतरे जिसमे !

बस तेरे खयाल उतरे जिसमे !

 

अब जर्रा जर्रा जाया कर दूँ ,

बस तुझको ही लिखने में

बस तुझको ही लिखने में !!

 

 

 

 

 

 

For more blogs

http://mankeshabd.com/%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%a8-%e0%a4%b9%e0%a5%82%e0%a4%81-mai-koun-hu-hindi-article/

http://mankeshabd.com/hindi-poetry-lifes-truth/(opens in a new tab)

 

About the author

Deepmala Singh

View all posts

2 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *