वृक्ष और मानव। ऐ मानव तू तनिक वृक्ष सा हो जाए। Hindi Kavita

ऐ मानव तू भी हो जाए, यदि तनिक भी किसी वृक्ष सा–

मेरे अनुसार इस कविता का शीर्षक ही काफी है ,आप सब तक अपना सन्देश पँहुचाने के लिए, की अगर मानव वृक्ष की एक मात्र  विशेषता भी  धारण कर ले तो वह वास्तव में श्रेष्ठ हो जाए ।

ना चाह कोई न प्रत्याशा, वह परोपकार की परिभाषा….

वृक्ष पर हिंदी कविता

ना चाह कोई न अभिलाषा, वह परोपकार की परिभाषा

ऐ मानव तू भी हो जाए, यदि तनिक भी किसी वृक्ष सा..

इस चिलचिलाती धूप में, वो सब्र रख कर ज्यों खड़ा

वह सौम्य की छाया बिखेरे,न पूछता जन-धर्म क्या

वह आसरा है पंछियों का ,बेफिक्र सा बेखौफ सा

ऐ मानव तू भी हो जाए, यदि तनिक भी किसी वृक्ष सा..

 

है ऊँचाई तक टहनियां ,और आसमा पहुँचा सिरा

पर है जड़े मिट्टी में अब भी, वो धरा से हर क्षण जुड़ा

वह जानता उत्पत्ति अपनी, वो जानता अस्तित्व अपना

वो है वृहद् वो है सघन , न है अहम है उसे अल्प सा

ऐ मानव तू भी हो जाए, यदि तनिक भी किसी वृक्ष सा..

 

वह फूल- पाती के स्वरुप, है देह अपनी त्यागता

प्रतिबिम्ब है परित्याग का ,सदियों अजर वो आत्मा

हर अंश श्रृष्टि को समर्पित, किंचित भी न कोई प्रत्याशा

वह प्राण-रक्षक है धरा का ,जन-जन में चलती साँस सा  

ऐ मानव तू भी हो जाए, यदि तनिक भी किसी वृक्ष सा…

ये कविता मेरे मन की एक अनोखी रचना है अर्थात एकांत में जब मैंने वृक्षों के सम्बन्ध में कुछ लिखने का सोचा तब मैंने पाया जो त्याग ,समर्पण और उदारता  एक पेड़ में  होता है, वह वास्तव में कितना निश्चल और असीम है, और हम मनुष्यों के लिए उनसे कितना कुछ सिखने जैसा है ।

अर्थात सत्य तो ये है की हम जिन वृक्षों की  वजह से जीवित है ,उन्हें बचाने के साथ-साथ अपनी व्यवहारिक जिन्दगी में भी  उनके इन गुणों को  गृहण करके  निश्चय ही  उच्च कोटि  मानव  बन सकते है ।

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Deepmala Singh

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4 Comments

  • goosebumps goosebumps goosebumps… My God!!!
    Very Live thoughts on non-living trees 🙂 keep inspiring us with your live thoughts…
    This post inspired me on every line!! Indeed..gudluck

  • Kya baat hai mala tumhari iss abivaykti ne toh dil ki choo liya… Manav aur prakrati ke madhya kitna madhur sambandh darshaya hai tumne.. Nishabd.. Koi shabd nahi iss anubhooti ko prakat karne ke liye…keep writing… Shayad Tumhare prayaason se manav machine banane se Bach jaaye….

  • मै बस इतना बोलना chahat कि . tumhari soch ko bolna chahugi ki well done mala. Kya likhti Ho tum. Kassh har manav पेड़ के समान बन जाए तो क्या बात हो जाए यार .तुम्हारा सब्द हर .दिल ko touch kr के gya हैं. great कविता. 🙌🙌✌✌👏👏

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