Motivational Hindi Poem । यूँ मुश्किलों से तू न डर

Motivational Hindi Poem-:

हम सब की जिंदगी में अपने लक्ष्य को पाने की होड़ में कभी कभी ऐसा नाजुक समय या स्तिथि पैदा होती है जब हम अपना आत्म-विश्वाश खोने लगते है ,मेरी ये कविता (Motivational Hindi Poem)  विशेषतः उन  Hardworking Students को समर्पित है ,जो अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इसके  अलावा हम निजी जिंदगी में भी कई  बार अपनी निजी समस्याओ से जूझते हुए निराशा के उस चरम स्तर पर पहुँच जाते है, की मन से भी स्वयं को हारा हुआ समझ लेते है।

अतः मेरी ये कविता आप सबके खोये हुए आत्म- विश्वाश(Self-confident) और  इच्छा-शक्ति (will power) को बढ़ाने का एक प्रबल और सुन्दर प्रयास है।आशा है आप अपने लक्ष्य की प्राप्ति में सदैव सफल रहे ।

Motivational Hindi Poem–

(यूँ मुश्किलों से तू न डर,प्रयत्न कर प्रयत्न कर)

motivational hindi poem

यूँ मुश्किलों से तू न डर,प्रयत्न कर प्रयत्न कर

तू कदमो को  न रुकने दे, स्वयं को तू न थकने दे

प्रयत्न करके हारा जो,तो शिकस्त भी एक शस्त्र है,

एक पग भी न बढ़ाया जो ,तो ये जिंदगी शिकस्त है

अड़चनों की धूप में, तू कोशिशो की छाव बन

यूँ मुश्किलों से तू न डर,प्रयत्न कर प्रयत्न कर..

आरंभ गर न बन सके ,स्वयं का तू विहान बन

तू भाग्य को न दोष दे ,स्वयं का तू विधान बन

यूँ दूसरो की जीत से स्वयं को तू न कम समझ

स्वयं को तू ये सिद्ध कर तू लक्ष्य से क्यूँ दूर है

यूँ मुश्किलों से तू न डर,प्रयत्न कर प्रयत्न कर..

ना रौशनी की राह तक ,स्वयं की तू मशाल बन

अब ध्येय के इस युद्ध में,स्वयं की ही तू ढाल बन

तू सूर्य गर ना पा सके,स्वयं का आसमान बन

तू धैर्य की उड़ान भर , तू सब्र रख तू सब्र रख

यूँ मुश्किलों से तू न डर,प्रयत्न कर प्रयत्न कर..

कोशिशो की राह पे स्वयं को तू भटकने दे

तू मंजिलो को पाएगा ,कदम न डगमगाने दे

तू हौसलों की सीप में,बुलंदियों की मोती बन

यूँ मुश्किलों से तू न डर,प्रयत्न कर प्रयत्न कर..

Before you give up, Just think only why you held so long….

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Deepmala Singh

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